तर्पण पूर्वजों को जल एवं तिल अर्पित करने का अनुष्ठान है, जो परंपरागत रूप से गया जी की पवित्र फल्गु नदी पर, दिवंगत आत्माओं की शांति एवं आभार व्यक्त करने हेतु संपन्न किया जाता है। हमारे गयावाल पंडित घाट पर संपूर्ण वैदिक विधि में आपका मार्गदर्शन करते हैं।
पवित्र फल्गु नदी के तट पर औपचारिक संकल्प लिया जाता है।
पूर्वजों को पारंपरिक जल एवं तिल अर्पण किया जाता है।
वैदिक शास्त्रों के अनुसार पवित्र जल अनुष्ठान संपन्न होते हैं।
अनुष्ठान के दौरान पंडित जी मंत्रोच्चार करते हैं।
पंडित मानव पहाड़ी संपूर्ण विधि व्यक्तिगत रूप से संपन्न कराते हैं।
अनुष्ठान का समापन पैतृक शांति हेतु प्रार्थना के साथ होता है।
फल्गु नदी का हिंदू शास्त्रों में विशेष महत्व है, माना जाता है कि इसे स्वयं सीता माता का आशीर्वाद प्राप्त है। इसके तट पर किया गया तर्पण दिवंगत पूर्वजों की शांति हेतु अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
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पंडित जी संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराते हैं
पूर्वजों हेतु शांति एवं आशीर्वाद
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